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 Hastinapur Jain Temple
Hastinapur Jain Temple

 


 

 


 

 

 

 

 


 

   जैन तीर्थ (Jain Tirth )
 
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)
 
    अयोध्या  
   अयोध्या - आदिनाथ,  अजितनाथ, अभिनन्दननाथ, सुमतिनाथ, अनन्तनाथ, का गर्भ व जन्म स्थान |
    हस्तिनापुर  
 
 हस्तिनापुर - मेरठ से 22 मील | यहाँ शान्तिनाथ, कुन्थुनाथ और अरहनाथ तीर्थंकरों के गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान ये चार कल्याणक हुए हैं, तथा भगवान मल्लिनाथ जी का समवशरण भी आया था | 
 

वाराणसी  
 
वाराणसी नगर में भदैनीघाट सातवें तीर्थंकर भगवान सुपार्श्वनाथ का जन्म स्थान है | भेलुपुर में तेईसवें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की जन्मभूमि है | शहर में अन्य कई मन्दिर दर्शनीय हैं |  

सिंहपुरी (सारनाथ)
 
सिंहपुरी (सारनाथ) बनारस से 7 मील है | यहाँ श्रेयांसनाथ भगवान के गर्भ,  जन्म, तप ये तीन कल्याणक हुए | यहाँ बौद्धमन्दिर आदि स्थान भी देखने योग्य हैं |

चन्द्रपुरी
  चन्द्रपुरी बनारस से 13 मील अथवा सारनाथ से 6 मील पर गंगा किनारे | यहाँ पर चन्द्रप्रभु भगवान का जन्म हुआ था |  
प्रयाग
 
प्रयाग - यहाँ त्रिवेणी संगम के पास एक पुराना किला है | किले के भीतर एक अक्षय वट (बड़ का पेड़) है | कहते हैं कि ऋषभदेव ने यहाँ तप किया था |

रत्नपुरी
 
रत्नपुरी - फैजाबाद   जिले में सोहावल स्टेशन से 1 मील | धर्मनाथ स्वामी के चार कल्याणक हुए है |

श्रावस्ती 
 
श्रावस्ती - बहराइच   से   29   मील |   यह   भगवान   सम्भवनाथ   की पवित्र जन्मभूमि है और यहीं 4 कल्याणक हुए हैं |
कौशाम्बी
 
कौशाम्बी - प्रयाग   से   32   मील पर   पभौसा   ग्राम के पास | यहाँ पद्मप्रभु स्वामी के चार कल्याणक हुए है |
श्री प्रभाषगिरि (पभौसा, जिला कौशाम्बी)  
श्री   प्रभाषगिरि   (पभौषा,   जिला   कौशाम्बी) - पर्वत   के शिखर पर भगवान पद्मप्रभु   के   तप   एवं   ज्ञान   कल्याणक    के    चरण |    पर्वत    पर भगवान पद्मप्रभु   की    गुप्तकालीन    मूल    नायक   तथा   अन्य प्रतिमायें विराजमान हैं | ठहरने के लिए क्षेत्र पर आधुनिक सुविधा उपलब्ध है | इलाहाबाद क्षेत्र 40 मील |
कम्पिला , अहिछत्र, चौरासी, शौरीपुर, देवगढ़, अहार
 
कम्पिला - कानपुर कासगंज   लाइन   पर | कायमगंज स्टेशन से 7 मील | यहाँ विमलनाथ स्वामी के चार कल्याणक हुए है |
अहिछत्र - बरेली अलीगढ़ लाइन पर आंवला गाँव से लगा हुआ यह क्षेत्र हैं |  इस तीर्थ पर तपस्या करते हुए भगवान पार्श्वनाथ के ऊपर कमठ के जीव ने घोर उपसर्ग किया था और उन्हें केवल ज्ञान की हुई थी |
 चौरासी - मथुरा से 1 मील | यहाँ से जम्बूस्वामी मोक्ष गए हैं |
शौरीपुर - शिकोहाबाद से 10 मील वटेश्वर ग्राम हैं | यहां पर नेमिनाथ स्वामी के ;गर्भ और जन्म दो कल्याणक हुए हैं  |
देवगढ़ - ललितपुर स्टेशन के पूर्व में (जाखलौन स्टेशन से 8 मील दूरी पर ; है | भगवान शान्तिनाथ की 12 ; फीट उत्तुंग विशाल प्रतिमा, 8 मानस्तम्भ हैं तथा कई कलापूर्ण सुन्दर प्राचीन मन्दिर हैं |
अहार - ललितपुर स्टेशन के पूर्व ;में 36 मील टीकमगढ़ है वहाँ से 18 मील पूर्व में यह क्षेत्र स्थित है | यहाँ पर 18 फुट उत्तुंग भगवान शान्तिनाथ की सर्वोत्तम प्रतिमा तथा विशाल संग्राहालय है |
 
 

                                                                                                     

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