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   Drongiri temple image

        द्रोणगिरि


  Kundalpur jain temple image

      कुण्डलपुर

 


 

 

 

 

 


 

   जैन तीर्थ (Jain Tirth )
 मध्य प्रदेश (Madya Pradesh)
 

   सोनागिरि
 
सोनागिरि - ग्वालियर झाँसी लाइन पर सोनागिरि स्टेशन से 2 मील दूर श्रमणाचल पर्वत है | पहाड़& पर 77 दिगम्बर जैन मन्दिर हैं | यहाँ से मुनि नंगकुमार व अनंगकुमार सहित साढे़ पाँच करोड़ मुनि मोक्ष गए हैं |

      Songiri temple

   द्रोणगिरि 
छतरपुर जिले में छतरपुर-सागर रोड पर बड़ा मलहरा से 10 कि.मी. दूरी पर सेंधपा गांव के निकट है | यहां से गुरुदत्तादि मुनि मोक्ष गये हैं | पू0 गणेश प्रसाद जी वर्णी ने इसे लघु सम्मेद शिखर नाम दिया है | पहाड़ी पर 32 जिनालय एवं गुफायें हैं | 

   
  कुण्डलपुर
सेंट्रल रेलवे की कटनी-बीना लाइन पर दमोह स्टेशन से 13 मील | बड़े बाबा के नाम से विख्यात एक मनोज्ञ मूर्ति के माहात्म्य के सम्बन्ध में अनेक किंवदन्तियाँ हैं | कुल 59 मन्दिर हैं | यहां से अन्तिम केवली श्रीधर स्वामी मोक्ष गये हैं |   
  खजुराहो 
   छतरपुर से 7 मील पर  यह  एक गाँव है | 31 दि0 जैन मन्दिर हैं यहाँ के प्राचीन मन्दिरों की निर्माणकला दर्शनीय है | 

   थूबौन 
 
न्देरी   से   आठ   मील | यहाँ 25; मन्दिर है | भगवान शान्तिनाथ की 20 फुट उत्तुंग मूर्ति अपनी विशालता के लिए प्रसिद्ध है | 
 
नैनागिरि
 सेंट्रल   रेलवे के सागर स्टेशन से 48 कि.मी. दलपतपुर पहुंचें | वहाँ से 11 कि. मी. है | यहाँ से वरदत्तादि पाँच मुनि मोक्ष गए हैं |  
 मुक्तागिरि 
 
 52 मन्दिरों का यह समूह बैतूल स्टेशन से 100 कि.मी. (महाराष्ट्र के एलिचपुर स्टेशन से 12 मील) पहाड़ी जंगल में है | यहाँ से साढ़े तीन करोड़ मुनि मोक्ष गए हैं |  
  सिद्धोदय (रेवातट)  

 
 सेंट्रल रेलवे की इटारसी-खण्डवा मेन लाइन पर 'हरदा' स्टेशन से 20 कि.मी. इंदौर रोड पर   नर्मदा नदी के किनारे यह सिद्ध क्षेत्र आचार्य श्री विद्यासागर जी की कृपा से प्रकाश में आया है |  
  मक्सी पार्श्वनाथ  

 सेंट्रल   रेलवे   की भोपाल उज्जैन   शाखा में उज्जैन से 40 कि.मी. पर मक्सी स्टेशन है | यहाँ से एक मील पर एक प्राचीन जैन मन्दिर है | उसमें भगवान पार्श्वनाथ की बड़ी मनोज्ञ प्रतिमा हैं | 
 सिद्धवरकूट  

 
इन्दौर से ; खंडवा   लाइन पर   मौरटक्का नामक स्टेशन से ओंकारेश्वर होते हुए अथवा सनावद से 6 मील   पर है | यहाँ से दो चक्रवर्ती, 10 कामदेव एवं साढ़े तीन करोड़ मुनि मोक्ष गए हैं | 
 बड़वानी  
 इन्दौर से 110 कि.मी. दूर बड़वानी नगर से 5 मील पहाड़ पर यह क्षेत्र हैं | यहाँ के चूलगिरि पर्वत से इन्द्रजीत और कुम्भकर्ण मुनि मोक्ष गए | यहाँ भ0 आदि नाथ की 72 फुट ऊँची मनोज्ञ प्रतिमा है |   

 पपौरा  
 
पपौरा ललितपुर से पूर्व में 36 मील व टीकमगढ़ से 3 मील है |चारों ओर कोट बना है | यहाँ लगभग 90 मन्दिर हैं | कार्तिक सुदी 14 को मेला भरता है | 
 चन्देरी  
 
चन्देरी - गुना जिले में ; ललितपुर के पश्चिम  में 24 मील दूर | वहाँ से मोटर जाती है |  यहाँ की चौबीसी भारतवर्ष में प्रसिद्ध है |
  पचराई
  पचराई - चन्देरी के पश्चिम में 24 मील खनियाधाना स्थान है वहाँ से 8 मील पर पचराई गाँव है | यहां पर 28 जिन मन्दिर हैं | 

                                                                                                   

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